मपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर में पुलिस ने करोड़ों रुपये के सोना-चांदी की चोरी के मामले का बड़ा खुलासा किया है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने नेपाल के रहने वाले एक दंपति और उनकी रिश्तेदार महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 7 किलो सोना, 1 किलो चांदी के आभूषण, सोने-चांदी के सिक्के और बिस्कुट बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
तेलंगाना से चोरी कर नेपाल भागने की थी तैयारी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी तेलंगाना के एक बड़े कारोबारी के घर में घरेलू कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे। आरोप है कि परिवार के घर से बाहर जाने का फायदा उठाकर उन्होंने लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये मूल्य के जेवरात और कीमती सामान चोरी कर लिया।
चोरी के बाद तीनों नेपाल भागने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें उत्तराखंड सीमा की ओर जाते समय दबोच लिया।
एक महीने तक जीता भरोसा
जांच में सामने आया है कि आरोपी करीब एक महीने से अधिक समय तक कारोबारी के घर में काम कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने परिवार का भरोसा जीता और घर में रखे कीमती सामान की जानकारी जुटाई।
पुलिस का मानना है कि चोरी की पूरी योजना पहले से तैयार थी और मौके का इंतजार किया जा रहा था।
मोबाइल फोन बने गिरफ्तारी की वजह
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने चोरी के बाद अपने मोबाइल फोन बंद नहीं किए। इसी वजह से उनकी लोकेशन लगातार ट्रेस होती रही।
सर्विलांस के जरिए मिली जानकारी के आधार पर स्थानीय पुलिस और संबंधित राज्य की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बरामद हुआ करोड़ों का माल
गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद सामान में शामिल हैं:
- लगभग 7 किलो सोने के आभूषण
- करीब 1 किलो चांदी के गहने
- सोने और चांदी के सिक्के
- कीमती धातुओं के बिस्कुट
बरामद माल की कुल कीमत करीब 12 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस की निगरानी में आरोपी
फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। बरामद कीमती सामान की सुरक्षा के लिए भी विशेष पुलिस व्यवस्था की गई है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार संबंधित राज्य की जांच एजेंसी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ करेगी। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का दावा
अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो आरोपी नेपाल पहुंच सकते थे और करोड़ों रुपये के इस मामले की जांच और जटिल हो सकती थी। फिलहाल पूरे नेटवर्क और साजिश से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

