बरेली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगले सप्ताह बरेली के दौरे पर आ सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा वह जनसभा को संबोधित करने के साथ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी कर सकते हैं।
शासन स्तर से तैयारियों को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं और संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने को कहा गया है।
4000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की करीब 3935 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास किया जा सकता है।
इन परियोजनाओं में शामिल हैं:
- पीलीभीत बाइपास पर प्रस्तावित आवासीय टाउनशिप
- औद्योगिक टाउनशिप परियोजना
- रामगंगा नगर में मनोरंजन उद्यान
- स्पेस म्यूजियम
- अन्य शहरी विकास योजनाएं
इन परियोजनाओं से शहर के बुनियादी ढांचे और निवेश के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रामायण वाटिका का होगा लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दौरे के दौरान कई पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण भी कर सकते हैं।
इनमें प्रमुख रूप से:
- रामायण वाटिका
- ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के सेक्टर 5 और 6 में विकास कार्य
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तैयार 1500 आवास
शामिल बताए जा रहे हैं।
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल निगम, नगर निगम, निर्माण निगम और बरेली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को सभी लंबित कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
विकास कार्यों का भी कर सकते हैं निरीक्षण
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान कुछ महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी कर सकते हैं। साथ ही कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक भी प्रस्तावित है।
तारीख का इंतजार
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री का दौरा प्रस्तावित है, हालांकि अभी आधिकारिक तिथि की घोषणा नहीं हुई है। प्रशासन को सभी तैयारियां पहले से पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री का यह दौरा बरेली के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे शहर को कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात मिलने की संभावना है।

