नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में सोमवार को भी विपक्ष और सरकार के बीच टकराव देखने को मिला। NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी विपक्षी सांसद अपनी मांगों पर अड़े रहे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में जवाब देने की मांग करते हुए सदन के वेल में पहुंच गए। लगातार नारेबाजी के बीच पीठासीन अधिकारी ने सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। इसके बाद कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
हंगामे के बीच सरकार ने अपना विधायी कामकाज भी आगे बढ़ाया। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 सदन में पेश किया। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य भारतीय सांख्यिकी संस्थान को मजबूत कानूनी आधार प्रदान करना और उसे सांख्यिकी एवं संबंधित क्षेत्रों में वैश्विक स्तर का उत्कृष्ट संस्थान बनाना है।
इसी दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकरों के बहीखातों का साक्ष्य विधेयक, 2026 प्रस्तुत किया। इस विधेयक का उद्देश्य बैंक रिकॉर्ड से जुड़े साक्ष्यों के कानून को आधुनिक डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था के अनुरूप बनाना है।
इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। उन्होंने विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी जानकारी दी कि 2030 के राष्ट्रमंडल खेल गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि समापन समारोह के बाद इन खेलों की मेजबानी की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से भारत को सौंप दी गई है।
उधर, राज्यसभा में भी विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की उपलब्धियों की सराहना करते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने भी सात पदक जीतकर नया इतिहास रचा है और देश का गौरव बढ़ाया है।
हालांकि, शून्यकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही, जिससे सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। लगातार हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

