बरेली। सावन माह में कांवड़ यात्रा को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को अधिकारियों ने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यूपीएचसी नदौसी, गांधीपुर, इज्जतनगर और सैदपुर समेत कई स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी केंद्रों पर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने तथा मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए विशेष तैयारियां रखने को कहा गया।
कांवड़ियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ पेयजल, विश्राम और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी तरह तैयार रहेंगी।
महिला कांवड़ियों के लिए 49 मिशन शक्ति सहायता केंद्र
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के उद्देश्य से जिले में 49 मिशन शक्ति सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर महिला पुलिसकर्मी और अन्य कर्मचारी तैनात रहेंगे, जो जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएंगे। प्रशासन का कहना है कि इन केंद्रों के माध्यम से महिला कांवड़ियों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
बुखार, एलर्जी और फंगल संक्रमण के मरीज बढ़े
जिला अस्पताल और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में इन दिनों बुखार, त्वचा संबंधी एलर्जी और फंगल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश और उमस के मौसम में बैक्टीरियल तथा वायरल संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में लोगों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, दूषित पानी से बचने और किसी भी तरह के संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
डीआईजी ने दिए सुरक्षा संबंधी निर्देश
डीआईजी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बरेली रेंज के विभिन्न जिलों में कई सहायता केंद्र पहले से संचालित हैं और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त केंद्र भी सक्रिय किए जा रहे हैं। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।

