बरेली। बरेली जिले के शेरगढ़ ब्लॉक में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद किच्छा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदी किनारे और तलहटी क्षेत्र में खड़ी गन्ने की फसल पर बाढ़ और कटाव का खतरा मंडराने लगा है। किसानों का कहना है कि अगर बारिश का दौर जारी रहा और नदी का जलस्तर और बढ़ा, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पंडरी पंचायत क्षेत्र से होकर गुजरने वाली किच्छा नदी के किनारे कई गांवों की कृषि भूमि प्रभावित होने की आशंका है। भूला, भगवा, मानपुर, बनईया, बरीपुरा, कस्बापुर, रजपुरा, नगरिया कला, बैरमनगर, जगदीशपुर, कमालपुर, मोहम्मदपुर, दुनका और लखीमपुर समेत आसपास के इलाकों में करीब 100 बीघा गन्ने की फसल नदी के बढ़ते जलस्तर के खतरे में बताई जा रही है।
दो दिनों की बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता
स्थानीय किसानों के अनुसार, पिछले दो दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण किच्छा नदी में पानी का बहाव बढ़ गया है। नदी के किनारे स्थित खेतों में कटाव की आशंका भी बनी हुई है। यदि पानी खेतों तक पहुंचता है या नदी का कटाव तेज होता है, तो गन्ने की खड़ी फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है। किसानों का कहना है कि गन्ने की फसल तैयार करने में काफी समय और लागत लगती है। ऐसे में यदि नदी का पानी खेतों में भर गया या कटाव के कारण फसल बह गई, तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है। किसानों ने प्रशासन से नदी के जलस्तर और कटाव प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने की मांग की है।
नदी का जलस्तर बढ़ने पर फसल को हो सकता है नुकसान
शेरगढ़ क्षेत्र में किच्छा नदी के किनारे बसे गांवों के किसानों की निगाहें अब बारिश और नदी के जलस्तर पर टिकी हुई हैं। फिलहाल फसल खेतों में खड़ी है, लेकिन लगातार बारिश से स्थिति बदल सकती है। किसानों को आशंका है कि यदि आने वाले दिनों में फिर तेज बारिश हुई, तो नदी का पानी निचले इलाकों और खेतों तक पहुंच सकता है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखे जाने की उम्मीद है।


