बरेली। शहर में जैविक कचरे के निस्तारण को लेकर नगर निगम अब नई दिशा में काम करने जा रहा है। कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम की ओर से कंप्रेस्ड बायोगैस यानी CBG प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है। इसमें शहर से निकलने वाले जैविक कचरे का इस्तेमाल बायोगैस तैयार करने में किया जाएगा।
डेयरियों और पार्कों के कचरे का होगा इस्तेमाल
प्रस्तावित परियोजना के तहत शहर की डेयरियों से निकलने वाले गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट को एकत्र किया जाएगा। इसके साथ ही पार्कों और हरित क्षेत्रों से सफाई के दौरान निकलने वाले हरे कचरे को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।
जैविक कचरे से तैयार होगी बायोगैस
एकत्र किए गए जैविक कचरे को CBG प्लांट में प्रोसेस किया जाएगा। इसी प्रक्रिया के जरिए बायोगैस तैयार की जाएगी, जिसे आगे उपयोगी ईंधन के तौर पर इस्तेमाल करने की योजना है। इससे कचरे के निस्तारण के साथ वैकल्पिक ईंधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
मौजूदा कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर घटेगा दबाव
पर्यावरण अभियंता राजीव राठी के अनुसार शहर के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी मात्रा में जैविक कचरा निकलता है। सड़कों, पार्कों और अन्य हरित क्षेत्रों से निकलने वाले कचरे को भी व्यवस्थित तरीके से एकत्र करने की योजना है। इससे मौजूदा कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर पड़ने वाला दबाव कम किया जा सकेगा।
कचरे को समस्या नहीं, संसाधन बनाने की तैयारी
नगर निगम का उद्देश्य जैविक कचरे को सिर्फ हटाने के बजाय उसका उपयोग करना है। प्रस्तावित प्लांट के जरिए कचरे से बायोगैस तैयार होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

