प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं के हित में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। प्रयागराज में आयोजित बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सक्रिय रूप से प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का ऐलान किया। इसके साथ ही 400 विधि अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का प्रयास है कि वकीलों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ न्याय व्यवस्था को तकनीक के माध्यम से और प्रभावी बनाया जाए।
अधिवक्ता कल्याण निधि की सहायता बढ़ेगी
कार्यक्रम में अधिवक्ताओं के लिए आर्थिक सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की भी जानकारी दी गई। अधिवक्ता कल्याण निधि से मिलने वाली सहायता राशि को 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किए जाने की घोषणा की गई है।
इसके अलावा अधिवक्ता की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की आयु सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष करने की बात कही गई है। इससे अधिक उम्र में निधन होने वाले अधिवक्ताओं के परिवारों को भी सहायता का लाभ मिल सकेगा।
सरकारी अधिवक्ताओं की फीस में भी बढ़ोतरी
सरकार की ओर से जिला न्यायालय, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले विधि अधिकारियों की फीस में भी बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। जानकारी के मुताबिक इन अधिवक्ताओं की फीस में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की जाएगी।
400 विधि अधिकारियों को मिलेंगे टैबलेट
न्याय व्यवस्था में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 400 विधि अधिकारियों को टैबलेट देने का भी ऐलान किया। इससे विधि अधिकारी डिजिटल दस्तावेजों और ऑनलाइन न्यायिक प्रक्रियाओं का अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम आदमी का विश्वास है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल समय पर न्याय उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि न्याय पाने की प्रक्रिया को भी आम नागरिक के लिए आसान बनाना है।
वकीलों के चैंबर के लिए भी व्यवस्था
कार्यक्रम में अधिवक्ताओं के चैंबर और अन्य सुविधाओं को लेकर भी चर्चा हुई। कौशांबी, लखनऊ, कासगंज और श्रावस्ती समेत कई जिलों में अधिवक्ताओं के चैंबर निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती न्याय व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्राइवेसी, डिजिटल कॉमर्स, बौद्धिक संपदा और क्लाइमेट लिटिगेशन जैसे नए क्षेत्र तेजी से सामने आ रहे हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं को तकनीक और बदलते कानूनों के साथ खुद को लगातार अपडेट करना होगा।

