लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पीआरडी जवानों को मिलने वाले ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। अब पीआरडी स्वयंसेवकों को ड्यूटी करने पर 600 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भत्ता मिलेगा। पहले यह राशि 500 रुपये प्रतिदिन थी।
सरकार के इस निर्णय से प्रदेश में तैनात करीब 31,130 पीआरडी स्वयंसेवकों को सीधा लाभ मिलने की बात सामने आई है। पीआरडी जवान विभिन्न सरकारी विभागों, सार्वजनिक स्थानों और महत्वपूर्ण संस्थानों में सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं में अपनी सेवाएं देते हैं। ड्यूटी भत्ते में वृद्धि से लंबे समय से सेवा दे रहे स्वयंसेवकों को आर्थिक राहत मिलेगी।
हर साल करीब 3000 रुपये का अतिरिक्त लाभ
ड्यूटी भत्ते में 100 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी की गई है। अखबारी रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पीआरडी जवानों को सालाना ड्यूटी के आधार पर अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा। सरकार इससे पहले भी पीआरडी जवानों के मानदेय में संशोधन कर चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2019 में दैनिक मानदेय 250 रुपये से बढ़ाकर 375 रुपये किया गया था। इसके बाद अप्रैल 2025 में इसे 395 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन किया गया। अब एक बार फिर इसमें वृद्धि करते हुए 600 रुपये प्रतिदिन करने का फैसला लिया गया है।
आश्रितों को मिलेगा 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
कैबिनेट ने पीआरडी जवानों के साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए भी महत्वपूर्ण सुविधा को मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने से पीआरडी जवानों के परिवारों को गंभीर बीमारी या महंगे इलाज की स्थिति में आर्थिक सहायता मिल सकेगी। योजना के तहत निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
31 हजार से ज्यादा जवानों को लाभ
सरकार के फैसले से प्रदेश के करीब 31,130 पीआरडी स्वयंसेवकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों में ड्यूटी करने वाले स्वयंसेवक शामिल हैं। पीआरडी जवानों की सेवाएं कानून-व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, सरकारी कार्यक्रमों और अन्य आवश्यक जिम्मेदारियों में ली जाती हैं। ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी और परिवार के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को पीआरडी स्वयंसेवकों के सामाजिक एवं आर्थिक हित से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

