उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच लखनऊ से चिंताजनक खबर सामने आई है। राजधानी में इस सीजन में स्वाइन फ्लू से पहली मौत की जानकारी सामने आई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। Zee News की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में H1N1 के मामलों की संख्या बढ़कर 337 तक पहुंच गई है और कई जिलों में संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं।
लखनऊ में महिला की मौत के बाद बढ़ी चिंता
रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ के इंदिरानगर क्षेत्र की करीब 50 वर्षीय महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हुई है। महिला का इलाज चल रहा था, लेकिन हालत गंभीर होने के बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। यह लखनऊ में मौजूदा सीजन में H1N1 से पहली मौत बताई जा रही है। मौत की खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की निगरानी तेज कर दी है। अस्पतालों में संदिग्ध और संक्रमित मरीजों की पहचान, जांच और उपचार को लेकर सतर्कता बढ़ाई जा रही है।
यूपी के कई जिलों में सामने आ रहे मामले
स्वाइन फ्लू के मामले केवल लखनऊ तक सीमित नहीं हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में H1N1 संक्रमण के मरीज सामने आए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट रहने और मरीजों के इलाज के लिए जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा है। प्रयागराज समेत कई जिलों में भी स्वास्थ्य अधिकारियों ने निगरानी बढ़ाई है। ऐसे समय में लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की जा रही है। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, अत्यधिक थकान या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी माना जाता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने की उच्चस्तरीय बैठक
लखनऊ में स्वाइन फ्लू से मौत के बाद उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्थिति की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में संक्रमण की रोकथाम, अस्पतालों की तैयारियों और इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अस्पतालों को जरूरी दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है।


