बरेली: हरदोई की रहने वाली रजिया और बरेली के फरीदपुर निवासी तोताराम की प्रेम कहानी शादी के बंधन तक पहुंच गई। दोनों की मुलाकात करीब चार साल पहले जयपुर में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी के दौरान हुई थी। बातचीत के बाद दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों ने साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया। अलग-अलग धर्म होने के कारण दोनों के रिश्ते का परिवार की ओर से विरोध भी हुआ।
इसके बावजूद रजिया अपने फैसले पर कायम रही। उसने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म अपनाया और अपना नाम गौरी देवी रख लिया। गौरी ने कहा कि वह भगवान शिव को अपना इष्ट देव मानती है और लंबे समय से सनातन धर्म अपनाकर शिव की पूजा करना चाहती थी। उसने किसी दबाव में धर्म परिवर्तन करने से इनकार किया।
अगस्त्य मुनि आश्रम में हुई शादी
रजिया और तोताराम बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने महंत आचार्य केके शंखधार के सामने अपनी बात रखी। विवाह की प्रक्रिया शुरू करने से पहले दोनों के बालिग होने से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कराई गई और हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कराया गया। मंत्रोच्चार के बीच वरमाला और सात फेरों की रस्म हुई।
परिवार से खतरे की जताई आशंका
शादी के बाद गौरी देवी ने अपने परिवार के कुछ सदस्यों से खुद और पति तोताराम को खतरा होने की आशंका जताई। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। आश्रम के आचार्य केके शंखधार ने बताया कि दोनों बालिग हैं और अपनी इच्छा से विवाह कर रहे हैं। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा के लिए बातचीत की जाएगी।

