BRICS Summit 2026: PM मोदी बोले- हम किसी के खिलाफ नहीं, सबको साथ लेकर चलने की सोच

Surbhi Saxena
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BRICS Summit 2026: BRICS शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगठन की भूमिका और भारत की सोच को लेकर अहम संदेश दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि BRICS किसी देश के खिलाफ बनाया गया मंच नहीं है। इसका उद्देश्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि दुनिया के अलग-अलग देशों के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इन मतभेदों के बावजूद बातचीत और सहयोग के रास्ते खुले रहने चाहिए। भारत का दृष्टिकोण भी संवाद, सहयोग और आपसी सहमति पर आधारित रहा है।

BRICS में संयुक्त बयान पर बनी सहमति

BRICS Summit के दौरान वैश्विक स्तर पर बदलते हालात और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बीच अलग-अलग देशों के रुख में अंतर होने के बावजूद संयुक्त बयान को लेकर सहमति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए। खास तौर पर ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों की मौजूदगी इस सम्मेलन को कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। इन देशों के बीच कई मुद्दों पर अलग-अलग मत रहे हैं, लेकिन BRICS के साझा मंच पर बातचीत के जरिए सहमति बनाने की कोशिश की गई। इसे BRICS के भीतर संवाद और सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अलग-अलग परिस्थितियों और हितों वाले देशों को एक साझा मंच पर लाना संगठन के लिए बड़ी चुनौती भी है।

भारत का जोर वैश्विक सहयोग पर

भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि आज की बदलती दुनिया में किसी एक देश या समूह के हितों तक सीमित रहने के बजाय व्यापक वैश्विक सहयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। व्यापार, आर्थिक विकास, तकनीक, ऊर्जा, सुरक्षा और सतत विकास जैसे मुद्दों पर देशों के बीच सहयोग बढ़ाना BRICS की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी के संदेश में भी इसी सोच की झलक दिखाई दी। भारत का मानना है कि देशों के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इन मतभेदों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से सुलझाने की कोशिश जारी रहनी चाहिए।

BRICS के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत की भूमिका अहम

BRICS के विस्तार के साथ संगठन में अलग-अलग क्षेत्रों और परिस्थितियों वाले देशों की भागीदारी बढ़ी है। ऐसे में सभी सदस्य देशों के बीच किसी साझा मुद्दे पर सहमति बनाना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसी वजह से संयुक्त बयान पर सहमति बनाने की कोशिश को BRICS की सामूहिक कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत की मेजबानी और प्रधानमंत्री मोदी के संदेश ने भी इस बात को रेखांकित किया कि संगठन को टकराव के बजाय सहयोग और संवाद का मंच बनाया जाना चाहिए।

क्या है पीएम मोदी के बयान का संदेश?

कुल मिलाकर, BRICS Summit 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘हम किसी के खिलाफ नहीं हैं, सबको साथ लेकर चलने की सोच है’ वाला संदेश भारत की संवाद और सहयोग आधारित कूटनीति को दर्शाता है। वहीं, ईरान, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों के बीच अलग-अलग मुद्दों पर मतभेदों के बावजूद साझा बयान को लेकर सहमति बनाने की कोशिश BRICS के बढ़ते वैश्विक महत्व को भी दर्शाती है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि BRICS देशों के बीच यह सहयोग वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को किस तरह प्रभावित करता है।

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