स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में बरेली की रैंकिंग गिरी, 7वें से पहुंचा 26वें स्थान पर

Surbhi Saxena
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बरेली। शहर में वायु प्रदूषण कम करने और हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच बरेली की रैंकिंग को लेकर इस बार तस्वीर कुछ निराशाजनक रही। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में बरेली को 3 लाख से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 26वां स्थान मिला है। पिछले वर्ष बरेली इसी श्रेणी में 7वें स्थान पर रहा था। यानी एक साल में शहर की रैंकिंग में 19 स्थान की गिरावट दर्ज हुई है।

केंद्र सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम यानी NCAP के तहत देशभर के 130 शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार को लेकर किए गए कार्यों का आकलन किया गया। सर्वेक्षण में सड़क की धूल पर नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने, औद्योगिक उत्सर्जन पर रोक, निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियों को प्रमुख आधार बनाया गया।

पिछले साल मिली थी बड़ी उपलब्धि

बरेली ने पिछले साल स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी श्रेणी में 7वीं रैंक हासिल की थी। उस प्रदर्शन के बाद शहर को प्रोत्साहन राशि के रूप में करीब 27 करोड़ रुपये मिलने की बात सामने आई थी। इस राशि और वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी योजनाओं के बावजूद इस बार रैंकिंग में बड़ी गिरावट ने शहर की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं। इस वर्ष बरेली 26वें पायदान पर रहा। वहीं इसी श्रेणी में उत्तर प्रदेश के कई अन्य शहरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। फिरोजाबाद दूसरे, झांसी पांचवें, जबकि मुरादाबाद और नोएडा संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर रहे। गोरखपुर को 22वां स्थान मिला।

देश में लखनऊ ने किया टॉप

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ ने 200 में से 198 अंक हासिल किए। इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे स्थान पर रहा। इस सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के कुल 16 शहरों ने अलग-अलग श्रेणियों में जगह बनाई। रिपोर्ट के मुताबिक देश के 130 शहरों में से 108 शहरों में वर्ष 2017-18 की तुलना में 2025-26 के दौरान पीएम10 के स्तर में सुधार दर्ज किया गया। इनमें 26 शहर ऐसे रहे जहां पीएम10 में 40 प्रतिशत से ज्यादा कमी दर्ज हुई।

बरेली के लिए बढ़ी चुनौती रैंकिंग में आई गिरावट के बाद अब बरेली में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है। शहर में सड़क की धूल, ट्रैफिक से होने वाला प्रदूषण, निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल और कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दे वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण का उद्देश्य केवल शहरों को रैंक देना नहीं, बल्कि स्थानीय निकायों को वायु प्रदूषण कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। ऐसे में बरेली के सामने अब अगले सर्वेक्षण में अपनी पुरानी स्थिति हासिल करने और हवा की गुणवत्ता सुधारने की चुनौती होगी।

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