बरेली: साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा देकर बरेली के एक स्कूल संचालक से करीब 49.44 लाख रुपये की ठगी कर ली। हालांकि पीड़ित की तत्परता के चलते पुलिस ने लगभग 30 लाख रुपये की रकम संबंधित खातों में होल्ड करा दी है। मामले में साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शेयर बाजार में निवेश का दिया लालच
जानकारी के अनुसार शाहजहांपुर निवासी आलोक दुबे वर्तमान में बरेली के आशीष रॉयल पार्क में परिवार के साथ रहते हैं और साझेदारी में एक निजी स्कूल का संचालन करते हैं।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जनवरी में उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताते हुए निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया। इसके बाद व्हाट्सएप के जरिए एक लिंक भेजकर मोबाइल में निवेश संबंधी एप डाउनलोड कराई गई।
फर्जी एप के जरिए लगाया चूना
साइबर ठगों ने पीड़ित का ऑनलाइन खाता खुलवाकर अलग-अलग किस्तों में निवेश के नाम पर रकम ट्रांसफर करानी शुरू कर दी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो उन्हें बताया गया कि पैसा अस्थायी रूप से फ्रीज हो गया है।
कुछ समय बाद पहली एप बंद हो गई और दूसरी एप डाउनलोड कराई गई, जिसमें निवेश की गई राशि दिखाई तो दे रही थी, लेकिन निकासी संभव नहीं थी।
कमीशन और जीएसटी के नाम पर भी वसूले पैसे
ठगों ने निवेश राशि के अलावा कमीशन, टैक्स और जीएसटी के नाम पर भी कई बार रकम ट्रांसफर करवाई। बाद में मुख्य आरोपी ने संपर्क बंद कर दिया और उसकी जगह दूसरे व्यक्ति ने बातचीत शुरू कर दी। उसने भी जल्द पैसा वापस मिलने का भरोसा दिया, लेकिन कोई राशि वापस नहीं मिली।
तीन महीने में 49 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी
पुलिस के अनुसार जनवरी से अप्रैल के बीच पीड़ित से कुल 49,43,898 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराए गए। जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
30 लाख रुपये होल्ड, वापसी की उम्मीद
साइबर क्राइम पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते लगभग 30 लाख रुपये संबंधित खातों में होल्ड करा दिए गए हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि पीड़ित को वापस दिलाई जा सकती है।
पुलिस की अपील
साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि:
- अनजान लोगों के निवेश संबंधी कॉल पर भरोसा न करें।
- किसी भी लिंक के माध्यम से निवेश एप डाउनलोड करने से बचें।
- निवेश से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म की जांच अवश्य करें।
- ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
जांच जारी
पुलिस मामले की जांच कर रही है और साइबर ठगों तक पहुंचने के लिए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

