अग्नि – 4 : भारत ने 6 अगस्त 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से परमाणु सक्षम मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण रणनीतिक बल कमान के तहत किया गया है। जिससे मिसाइल के सभी तकनीक और परिचालन मानक पूरी तरह सफल साबित हुए हैं।
अग्नि – 4 मिसाइल की विशेषताएं
अग्नि – 4 मिसाइल की शुरुआत 1980 में इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के जरिए हुई थी। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा किया गया था। भारत में अग्नि मिसाइल की कई सीरीज तैयार की हैं।
अग्नि – 4 मिसाइल भारत की एक स्वदेशी मिसाइल है। यह ठोस ईंधन से चलती है। इसमें कम दूरी के साथ अंतरमहाद्वीप दूरी तक हमला करने वाली मिसाइल शामिल हैं। खास बात है, इन मिसाइलों को सड़क और रेल दोनों तरीकों से प्रयोग में लाया जा सकता है। युद्ध की स्थिति में जवाबी हमले की क्षमता बढ़ जाती है।
चीन – पाकिस्तान की बढ़ेगी मुश्किलें
भारत के लिए अग्नि – 4 मिसाइल का सफल परीक्षण एक बड़ी उपलब्धि है। इसे चीन और पाकिस्तान के लिए एक मजबूत संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। यह मिसाइल पूरे पाकिस्तान और चीन के एक बड़े हिस्से तक पहुंच सकती हैं। ऐसे में भारत किसी भी संभावित खतरे का प्रभावी जवाब देने में सक्षम दिख रहा है।
अग्नि – 4 मिसाइल लगभग 4000km की मानक क्षमता वाली मिसाइल है। इस मिसाइल का साक्षी DRDO, Indian Navy और Indian Air force के मुख्य सदस्य रहें है। DRDO के चेयरमैन राजेश कुमार सिंह इस मिसाइल को मॉनिटरिंग करने वाले सदस्यों में से एक रहें।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दी बधाई
अग्नि – 4 मिसाइल के सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा भी बधाई दी गई। उन्होंने इस सफल परीक्षण को भारत के लिए एक नई उपलब्धि के तौर पर जोड़ा है। परीक्षण में कार्यरत सभी सदस्यों की प्रशंसा की व उन्हें बधाई दी।
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