बरेली। शहर के प्रमुख गांधी उद्यान से धर्मकांटा मार्ग तक जल्द ही स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का पूरा सिस्टम बदला जाएगा। नगर निगम के प्रकाश विभाग ने इस परियोजना के लिए 5.97 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। यह राशि 15वें वित्त आयोग के तहत खर्च की जाएगी। फिलहाल टेंडर प्रक्रिया चल रही है और चयनित संस्था को काम पूरा करने के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा। नई परियोजना के तहत गांधी उद्यान से धर्मकांटा तक 252 नई सूरज आकार की स्ट्रीट लाइटें और उनके खंभे लगाए जाएंगे।
नगर निगम के अनुसार, एक लाइट और खंभे की औसत लागत करीब 2.37 लाख रुपये है। इस परियोजना का उद्देश्य मार्ग पर बेहतर रोशनी उपलब्ध कराने के साथ पुरानी और खराब हो चुकी स्ट्रीट लाइटों को बदलना है। करीब 60 फीसदी पुरानी लाइटें खराब नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक इस मार्ग पर करीब छह वर्ष पहले स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं। समय बीतने के साथ इन लाइटों में बड़ी संख्या में खराबी आ गई है।
बताया गया है कि मौजूदा व्यवस्था की करीब 60 फीसदी लाइटें खराब हो चुकी हैं। पुरानी लाइटों की मरम्मत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री उपलब्ध कराने में भी परेशानी सामने आ रही है। इसी वजह से नगर निगम ने अब पुरानी व्यवस्था को बदलकर नई स्ट्रीट लाइटें लगाने का फैसला किया है। नई लाइटों के लगने के बाद गांधी उद्यान से धर्मकांटा तक सड़क पर रोशनी की व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद है।
पांच साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी
इस परियोजना की खास बात यह है कि नई लाइटें लगाने वाली संस्था पर सिर्फ इंस्टॉलेशन की जिम्मेदारी नहीं होगी। चयनित संस्था को पांच साल तक नई स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव और मरम्मत का काम भी करना होगा। इस व्यवस्था के तहत यदि किसी लाइट में तकनीकी खराबी आती है तो संबंधित संस्था को उसकी मरम्मत करानी होगी। इससे नगर निगम पर बार-बार अलग से मरम्मत का खर्च आने की स्थिति को कम करने की कोशिश की गई है।
छह साल पहले भी लगी थीं नई लाइटें
नगर निगम के अनुसार गांधी उद्यान से धर्मकांटा मार्ग पर करीब छह साल पहले भी स्ट्रीट लाइटों का नया सिस्टम लगाया गया था। उस समय आगरा की यूनिवर्सल कंपनी को काम दिया गया था और हैलोनिक्स कंपनी की लाइटें लगाई गई थीं। संबंधित संस्था को पांच साल तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई थी। रखरखाव की अवधि पूरी होने के बाद धीरे-धीरे लाइटों में खराबी आने लगी। साथ ही पुरानी लाइटों की मरम्मत के लिए जरूरी सामग्री की उपलब्धता भी चुनौती बन गई। इसके बाद नगर निगम ने नई परियोजना तैयार की।
पुरानी लाइटों का भी होगा तकनीकी मूल्यांकन
नई स्ट्रीट लाइटें लगाए जाने के बाद नगर निगम पुरानी लाइटों का तकनीकी मूल्यांकन भी कराएगा। निगम निर्धारित दरों के आधार पर पुरानी लाइटों की कीमत का आकलन करेगा। इसके बाद तय राशि को नई परियोजना के भुगतान में समायोजित किए जाने की बात कही गई है। नई परियोजना में फिलिप्स और सूर्या कंपनी की लाइटें लगाए जाने की संभावना जताई गई है। हालांकि अंतिम चयन टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के अनुसार गांधी उद्यान से धर्मकांटा तक करीब छह वर्ष पहले लगाई गई स्ट्रीट लाइटों को बदलकर नई लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए 5.97 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और फिलहाल टेंडर प्रक्रिया जारी है।

