बरेली। शहर के विकास, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, यातायात व्यवस्था और अतिक्रमण जैसे मुद्दों को लेकर नगर निगम की ओर से कई स्तरों पर काम किए जा रहे हैं। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने शहर के विकास कार्यों और आने वाली योजनाओं को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साझा की हैं।
नगर आयुक्त के मुताबिक, बरेली में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत बड़े स्तर पर धनराशि खर्च कर कई विकास कार्य कराए गए हैं। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना और लोगों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
करीब 1000 करोड़ रुपये के विकास कार्य
स्मार्ट सिटी योजना के तहत बरेली में लगभग 1000 करोड़ रुपये के स्तर पर विकास कार्यों का उल्लेख किया गया है। नगर आयुक्त के अनुसार, इस निवेश के जरिए सड़क, यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाओं और शहर के बुनियादी ढांचे से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट पर काम किया गया है। सार्वजनिक रिपोर्टों में भी बरेली स्मार्ट सिटी के तहत 900 करोड़ रुपये से अधिक खर्च और दर्जनों परियोजनाओं के पूरा होने का उल्लेख मिलता है। हालांकि, कुछ परियोजनाओं के संचालन और उनकी उपयोगिता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल भी सामने आए हैं।
स्मार्ट सिटी के 65 प्रोजेक्ट पूरे होने का दावा
नगर आयुक्त के इंटरव्यू के अनुसार, स्मार्ट सिटी के करीब 65 प्रोजेक्ट पूरे किए जा चुके हैं। इन परियोजनाओं का मकसद शहर की सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना बताया गया है। शहर में विकास कार्यों के साथ-साथ उनकी उपयोगिता और रखरखाव भी महत्वपूर्ण है। इससे पहले कुछ रिपोर्टों में स्मार्ट सिटी के तहत बनी सड़कों और अन्य सुविधाओं को लेकर समस्याओं का जिक्र किया गया था। जाम और अतिक्रमण पर विशेष फोकस बरेली में ट्रैफिक जाम और सड़कों पर अतिक्रमण लंबे समय से प्रमुख शहरी समस्याओं में शामिल रहे हैं। नगर निगम की ओर से इन समस्याओं को कम करने के लिए चौराहों और प्रमुख मार्गों पर सुधार की योजनाओं पर काम किया गया है।
एक प्रस्ताव में शहर के 10 प्रमुख चौराहों के कायाकल्प, बिजली के पोल शिफ्ट करने और तारों को भूमिगत करने के साथ अतिक्रमण हटाने की योजना का उल्लेख किया गया था। नगर निगम की कार्रवाई में कई प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण हटाने के अभियान भी चलाए गए हैं। ऐसे अभियानों का उद्देश्य सड़क की उपलब्ध चौड़ाई बढ़ाना और यातायात को सुचारु करना है।
आगे भी जारी रहेगा विकास का काम
नगर निगम का फोकस सिर्फ नए प्रोजेक्ट तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की मौजूदा सड़कों, यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी है। अब देखना होगा कि स्मार्ट सिटी के पूरे हो चुके प्रोजेक्टों का लाभ आम लोगों को किस स्तर तक मिलता है और जाम, अतिक्रमण तथा जलभराव जैसी स्थानीय समस्याओं को दूर करने में आने वाले समय में कितनी प्रगति होती है।

