Jharkhand Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है। रांची में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए।आरोप लगाया कि पार्टी छात्रों की वास्तविक समस्याओं के बजाय राजनीतिक मुद्दों पर ज्यादा सक्रिय नजर आती है।
कंगना रनौत ने कहा…
आज की Gen-Z पीढ़ी लंबे समय से शिक्षा, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी अलग-अलग चुनौतियों का सामना कर रही है। उनके मुताबिक युवाओं की समस्याएं अचानक पैदा नहीं हुई हैं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं और रोजगार को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
https://www.instagram.com/reel/DbuwLqxN0LT/?igsh=MTcyeTAzdmdrY2R3bQ==राहुल गांधी पर साधा निशाना
कंगना रनौत ने अपने बयान में राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में जब छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, तब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उनकी समस्याओं के बीच नजर नहीं आ रहे हैं।
भाजपा सांसद ने दावा किया कि जब युवाओं को आंदोलनों के लिए प्रेरित करने या उन्हें राजनीतिक रूप से सक्रिय करने की बात आती है, तब राहुल गांधी आगे दिखाई देते हैं, लेकिन छात्रों की वास्तविक समस्याओं को समझने के लिए उनके बीच पहुंचने की कोशिश नहीं की जाती। कंगना के इस बयान के बाद झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से फिलहाल इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन झारखंड में भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं और अन्य मांगों को लेकर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठा रहे हैं। छात्र आंदोलन के मुद्दे पर राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
ऐसे में कंगना रनौत की टिप्पणी ने इस मामले को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल छात्रों की मांगों और सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर सभी की नजर बनी हुई है। वहीं, कंगना रनौत के राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आने के बाद राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

