रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के आह्वान पर 10 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने की तैयारी है। प्रस्तावित मार्च पुराने विधानसभा मैदान से नए विधानसभा तक किया जाएगा। इसे लेकर अलग-अलग जिलों से छात्रों के रांची पहुंचने का सिलसिला जारी है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्ध नियुक्ति तथा कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।
10 अगस्त को विधानसभा मार्च की तैयारी
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने 10 अगस्त को सुबह 9 बजे विधानसभा मार्च का आह्वान किया है। प्रस्तावित मार्च पुराने विधानसभा ग्राउंड से नए विधानसभा तक निकाला जाएगा। आंदोलन में शामिल होने के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों से छात्रों के रांची पहुंचने की जानकारी सामने आई है। वहीं प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। छात्रों को विधानसभा मार्च में शामिल होने से रोकने के लिए कई स्थानों पर वाहनों की जांच किए जाने की बात कही गई है।
आंदोलन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है। देवेंद्र नाथ महतो भूख हड़ताल पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी मांगों और छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ रहा है। छात्र संगठनों की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार, भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग लगातार उठाई जा रही है।
सरकार का दावा- 98 फीसदी मांगें मानी गईं
इस बीच झारखंड सरकार की ओर से कहा गया है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने सरकार के रुख की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है। सरकार की ओर से परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों में आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है। साथ ही कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की जानकारी दी गई है।
JPSC में वित्तीय गड़बड़ी की ED जांच की सिफारिश
सरकार ने JPSC में वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की सिफारिश करने की बात कही है। इसका उद्देश्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की जांच को आगे बढ़ाना है। वहीं JSSC-CGL परीक्षा को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामला अदालत की निगरानी में होने के कारण इसकी CBI जांच कराना संभव नहीं है। सरकार का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और 90 दिन में चार्जशीट का फैसला
छात्रों से जुड़े मामलों और कथित अनियमितताओं पर सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही संबंधित मामलों में 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की बात कही गई है। सरकार के इन फैसलों के बाद आंदोलन समाप्त होने की उम्मीद थी, लेकिन छात्रों की ओर से विधानसभा मार्च का आह्वान किया गया है। इससे साफ है कि कुछ मुद्दों पर छात्रों और सरकार के बीच अभी भी मतभेद बने हुए हैं।
झारखंड में आगे क्या होगा?
10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण रहने वाली है। अलग-अलग जिलों से छात्रों के पहुंचने के कारण प्रशासन की चुनौती भी बढ़ सकती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार की ओर से घोषित कदमों के बावजूद छात्र आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है और क्या विधानसभा मार्च के बाद छात्रों की मांगों को लेकर कोई नया समझौता या निर्णय सामने आता है।
फिलहाल JPSC-JSSC से जुड़े मुद्दों को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन तेज है। एक तरफ सरकार 98 प्रतिशत मांगें मानने और फास्ट ट्रैक कोर्ट व ED जांच जैसे कदम उठाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर छात्र नेता और प्रदर्शनकारी बाकी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की तैयारी में हैं।

