लखनऊ: लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित शताब्दी समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्रांतिकारियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने काकोरी ट्रेन एक्शन को ‘डकैती’ का नाम दिया था, लेकिन आजाद भारत में भी सत्ता में रहे कुछ लोगों ने इस ऐतिहासिक घटना के क्रांतिकारियों को उचित सम्मान नहीं दिया।
मुख्यमंत्री ने काकोरी और चौरी चौरा जैसी घटनाओं को कमतर आंकने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन आंदोलनों में देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। योगी आदित्यनाथ ने 1922 की चौरी चौरा घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि इसके बाद कांग्रेस ने असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया था।
उन्होंने दावा किया कि चौरी चौरा के कई क्रांतिकारियों को आजीवन कारावास की सजा हुई और उन्हें सजा दिलाने में तत्कालीन कांग्रेस से जुड़े वकीलों की भूमिका रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे वीरों के बलिदान और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
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