बरेली। भोजीपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम डोरिया पटवदारा निवासी एक महिला ने अपने बेटे पर दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से निष्पक्ष जांच की मांग की है। महिला ने प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कर कथित रूप से गलत तरीके से दर्ज मुकदमे को निरस्त कराने की मांग की है। महिला के अनुसार उसका बेटा भोजीपुरा में कपड़ों की दुकान चलाता है।
SSP से बेटे का मुकदमा निरस्त कराने की मांग
आरोप है कि गांव निवासी साकिर अली की बेटी अक्सर उसकी दुकान पर आती थी और उसके बेटे से मोबाइल फोन पर बातचीत करती थी। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद की स्थिति बनी। करीब 10 दिन पहले साकिर अली ने उसके बेटे को रास्ते में रोककर पांच लाख रुपये की मांग की थी। रुपये नहीं देने पर मुकदमे में फंसाने की कथित धमकी दी गई।
महिला का कहना है कि इस संबंध में उसने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 11 सितंबर 2026 को साकिर अली की ओर से उसके बेटे के खिलाफ बेटी को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया। महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में दावा किया कि जिस युवती को भगाकर ले जाने का आरोप लगाया गया है, वह घटना से कुछ दिन पहले तक अपने घर पर दिखाई दे रही थी।
केस की निष्पक्ष जांच की मांग
महिला ने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि साकिर अली की ओर से पैसे वसूलने का दबाव बनाया जा रहा है और स्थानीय विधायक का नाम लेकर पुलिस पर कथित राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की गई। महिला ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मुकदमे की वास्तविकता की जांच करने की मांग की। यदि मुकदमा गलत पाया जाए तो उसे निरस्त करने की मांग की है।
हालांकि, महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

