लखनऊ। राजधानी लखनऊ के जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की छात्राएं स्कूल में बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर सड़क पर उतर आईं। छात्राओं ने बालागंज चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए रास्ता जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण इलाके में कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय में पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
इसके अलावा स्कूल में भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी समस्याएं हैं। छात्रों की शिकायतों में शिक्षकों की कमी प्रमुख मुद्दा बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, विद्यालय में स्वीकृत 20 शिक्षक पदों में से केवल 8 पद ही भरे हुए हैं, जबकि केमिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण विषय में शिक्षक की कमी है।
बदहाल व्यवस्थाओं से नाराज छात्राओं ने विद्यालय से बाहर निकलकर बालागंज चौराहे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में छात्राओं के सड़क पर आने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और रास्ता जाम हो गया।
छात्राओं का कहना था कि जब उन्हें स्कूल में जरूरी सुविधाएं और पर्याप्त शिक्षक नहीं मिलेंगे तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होना स्वाभाविक है। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्राओं से बातचीत की। पुलिस की ओर से समस्याओं के समाधान के लिए आश्वासन दिए जाने के बाद छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
Gen Alpha के प्रदर्शन ने खड़े किए सवाल:
लखनऊ की यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि नई पीढ़ी के छात्र अपनी शिक्षा और स्कूल की सुविधाओं को लेकर खुलकर आवाज उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस पीढ़ी को ‘Gen Alpha’ के नाम से संबोधित किया जा रहा है। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में छात्रों के स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर प्रदर्शन की घटनाएं सामने आई हैं।
जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में छात्रों को आवासीय शिक्षा के साथ कई सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इन विद्यालयों का उद्देश्य निर्धन और प्रतिभावान विद्यार्थियों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराना है। ऐसे में छात्राओं का सड़क पर उतरना स्कूल की व्यवस्थाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अब देखना होगा कि छात्राओं की शिकायतों पर प्रशासन की ओर से कितनी जल्दी ठोस कार्रवाई की जाती है और विद्यालय में शिक्षकों तथा दूसरी बुनियादी सुविधाओं की कमी कब तक दूर होती है।

