बरेली। कुतुब-ए-बरेली हजरत शाहदाना वली का सात रोजा सालाना उर्स रविवार से परचम कुशाई की रस्म के साथ शुरू होगा। उर्स को लेकर दरगाह परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से अकीदतमंदों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। उर्स के आगाज पर रविवार को परचम का जुलूस लाल मस्जिद से निकलेगा।
जुलूस दरगाह आला हजरत पर सलाम पेश करने के बाद बिहारीपुर, नॉवल्टी चौराहा, कुमार टॉकीज, आजमनगर, गोपीनाथ और शाहमतगंज होते हुए दरगाह शाहदाना वली पहुंचेगा। यहां परचम कुशाई की रस्म अदा की जाएगी।
उर्स के दौरान अलग-अलग दिनों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 14 सितंबर को गागर का जुलूस, 15 और 16 सितंबर को महफिले समा, जबकि 17 और 18 सितंबर को कुल शरीफ और महफिले समा के कार्यक्रम होंगे। 19 सितंबर को सैयद बाबा के कुल के साथ सात रोजा उर्स का समापन होगा।
उर्स में बड़ी संख्या में जायरीन के पहुंचने को देखते हुए दरगाह के आसपास सफाई व्यवस्था को लेकर आयोजकों ने चिंता जताई है। आयोजकों के मुताबिक कई स्थानों पर गंदगी होने से बाहर से आने वाले जायरीनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम से उर्स से पहले आसपास के इलाकों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की गई है। प्रशासन और नगर निगम से भी व्यवस्थाओं को बेहतर रखने की अपील की गई है, ताकि उर्स में आने वाले जायरीनों को किसी तरह की परेशानी न हो।

