बरेली को मिलेगा सर्वश्रेष्ठ राजभाषा पुरस्कार, 15 सितंबर को अमित शाह करेंगे सम्मानित

Surbhi Saxena
3 Min Read
WhatsApp Image 2026 09 13 at 16.39.01

बरेली। हिंदी के प्रचार-प्रसार और सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रभावी इस्तेमाल के लिए बरेली को केंद्र सरकार की ओर से सर्वश्रेष्ठ राजभाषा पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 15 सितंबर को प्रदान करेंगे। 

यह पुरस्कार बरेली की नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति से जुड़े कार्यालयों द्वारा हिंदी के प्रयोग और उसके प्रचार-प्रसार के लिए किए गए कार्यों के आधार पर दिया जा रहा है।पुरस्कार समारोह 15 सितंबर को नवी मुंबई के वाशी स्थित सिडको सभागार में आयोजित होने वाले हिंदी दिवस एवं अखिल भारतीय हिंदी सम्मेलन के दौरान होगा। 

आयकर विभाग को मिली है समिति की जिम्मेदारी

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति में केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों के प्रतिनिधि सदस्य होते हैं। बरेली में आयकर विभाग को समिति के अध्यक्ष कार्यालय की जिम्मेदारी मिली हुई है। समिति से जिले के करीब 60 केंद्रीय सरकारी कार्यालय जुड़े हुए हैं।  राजभाषा हिंदी के प्रचार, सरकारी कामकाज में हिंदी के व्यावहारिक इस्तेमाल और इससे जुड़े प्रयासों के मूल्यांकन के आधार पर बरेली का चयन इस सम्मान के लिए किया गया है।

15 सितंबर को मुंबई में होगा सम्मान समारोह

हिंदी दिवस के अवसर पर 14 और 15 सितंबर को मुंबई में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी दौरान बरेली को सर्वश्रेष्ठ राजभाषा पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार बरेली की आयकर आयुक्त ज्योत्सना जौहरी ग्रहण करेंगी।  पुरस्कार समारोह में शामिल होने के लिए संबंधित अधिकारी मुंबई रवाना हो चुके हैं। इस उपलब्धि से बरेली में सरकारी कार्यालयों के कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले प्रयासों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर

राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय की ओर से केंद्र सरकार के कार्यालयों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम और प्रोत्साहन योजनाएं संचालित की जाती हैं। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्ष 2025-26 के राजभाषा कीर्ति एवं गौरव पुरस्कारों के परिणाम और नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों से जुड़े सम्मान की जानकारी भी उपलब्ध है। 

बरेली को मिला यह सम्मान जिले के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सरकारी कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल और राजभाषा संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *