बरेली में पांच साल के लंबे इंतजार के बाद कचरे के निस्तारण में तेजी आई। नगर निगम ने 5 साल और 7 निविदा प्रक्रियाओं के बाद कूड़ा प्लांट के संचालन का निर्णय लिया है। जिसके चलते लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, बरेली शहर से हर दिन लगभग 450 टन से अधिक कूड़े को बाकरगंज क्षेत्र में एकत्रित किया जाता है। काफी समय से कूड़ा जमा होने के कारण क्षेत्र में दुर्गन्ध, गंदगी और प्रदूषण फैलता जा रहा है। ऐसे में आमजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस समस्या से निजात पाने के लिए 5 साल से परियोजना के लागू होने का इंतजार किया जा रहा था। फिलहाल, इस परियोजना को लेकर नगर निगम द्वारा प्रतिक्रिया दी गई है। जिसके बाद प्लांट के संचालन की तैयारी की जा रही है।
7 टेंडर प्रक्रिया के बाद दिल्ली की एजेंसी का चयन
बाकरगंज क्षेत्र में तीन लाख टन से अधिक कूड़े का निस्तारण एक बड़ी समस्या रही। जिसके लिए सात बार निविदा प्रक्रियाओं को पूरा करने का प्रयास किया गया। फलस्वरूप, सातवीं बार के निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिसके बाद दिल्ली की पाथ्या एजेंसी का चयन किया गया है।
जमा कूड़े से मिलेगा छुटकारा, शहर होगा साफ
नगर आयुक्त के अनुसार, नए प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 500 टन कूड़े की है। जिसके माध्यम से शहर भी साफ होगा और कूड़े के भंडारण से मुक्ति मिलेगी। प्लांट के संचालन के बाद बाकरगंज में एकत्रित कूड़े का निस्तारण तेजी से किया जाएगा।
कचरा नहीं बनेगा बोझ, बनेगी खाद और गैस
शहर के कचरा को एकत्र करके सिर्फ उसके भंडारण का कार्य सुचारू नहीं किया जाएगा बल्कि उसका सही उपयोग भी किया जाएगा। प्लांट में गीले और सूखे कूड़े का अलग अलग निस्तारण किया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, गीले कूड़े से जैविक खाद और बायो गैस बनाने की योजना है। इसके लिए सीबीजी यानि कंप्रेस्ड बायोगैस को तैयार किया जा रहा है। फिलहाल, इस प्रकिया में तेजी लाने की तैयारी जारी है।

