यूरोप के कई देशों में पिछले कुछ दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। यह विरोध प्रदर्शन सरकार की नीतियों, महंगाई और खराब शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी है। जिसमें अधिक संख्या में लोग सड़कों पर उतरे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन दिन प्रतिदिन ने हिंसक रूप लेता जा रहा है। कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन करने वाले और सुरक्षाबलों के बीच झड़प देखने को मिल रही है। इस प्रदर्शन के दौरान लगभग 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है।
फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था पर उठ रही आवाज
यूरोप के फ्रांस देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन बेहद भयंकर रूप ले चुका है। जिसमें मुख्य रूप से पेरिस में प्रदर्शनकारी सड़कों पर हिंसा पर उतर आए हैं। शिक्षकों की कमी और खराब शिक्षा व्यवस्था की शिकायत को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जो साफ तौर पर विरोध प्रदर्शन में जाहिर करने का प्रयास किया जा रहा है।
70 हजार पुलिसकर्मियों को किया तैनात, सैकड़ों को भेजा जेल
फ्रांस में हिंसा के दौरान सड़कों पर लगे हुए बैरिकेट्स को आग के हवाले किया गया। लोगों ने दुकानों पर तोड़फोड़ करके विरोध किया। इसी बीच गृह मंत्रालय के अनुसार, 70000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए।
रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस की सड़कों पर मार्च के दौरान कट्टरपंथी हजारों की संख्या में जमा हो गए थे। इस बीच सैकड़ों की संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया।
फ्रांस के गृह मंत्री का बयान, रिपोर्ट जारी
फ्रांस के गृहमंत्री ने अपने बयान में कहा, “प्रदर्शनकारियों ने कचरे के डिब्बों में आग लगाई, सड़कों को ब्लॉक कर दिया और मेटल की चादरों का इस्तेमाल किया। दूसरे बड़े शहरों में पुलिस की गाड़ियों को भी आग लगाई। जिसको काबू करने के लोए आंसू आशु गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया।”

