बरेली। नैनीताल मार्ग स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों और शहर के गणमान्य नागरिकों समेत करीब 2 हजार लोगों ने सहभागिता की। सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ के गायन से विद्यालय परिसर राष्ट्रभाव और देशभक्ति के माहौल से गूंज उठा।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में राष्ट्रप्रेम, मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने एक स्वर में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया।
राष्ट्र चेतना का महत्वपूर्ण माध्यम है वंदे मातरम्
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं पूर्व प्रदेश निरीक्षक ठाकुरदास ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि जन चेतना का गान है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने लोगों में राष्ट्रीय भावना और एकजुटता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की गौरवशाली परंपराओं को समझने और राष्ट्रहित में अपने दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
नई पीढ़ी में राष्ट्रभाव जगाने पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजीव अग्रवाल ने की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को देश, संस्कृति और राष्ट्र की परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में दिनेश मालिक और राजकुमार अग्रवाल मौजूद रहे। विद्यालय के आचार्यों और विद्यार्थियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2 हजार लोगों ने की सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान जिला समन्वयक सुनील कुमार सिंह पुंडीर, पूर्व छात्र परिषद के अनूप शर्मा सहित करीब 2 हजार लोगों ने सहभागिता की। विद्यालय परिसर में सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाण्डेय ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन रामकिशोर श्रीवास्तव ने किया। आयोजन की जानकारी जिला मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने दी।

