बरेली। शहर में लगातार हो रही बारिश का असर अब विकास कार्यों पर भी दिखाई देने लगा है। बरेली में चल रही सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क निर्माण और चौड़ीकरण समेत कई काम फिलहाल रोक दिए गए हैं। शनिवार तड़के शुरू हुई बारिश के बाद निर्माण स्थलों पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनने से काम करना मुश्किल हो गया। मौसम साफ होने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू किए जाने की उम्मीद है।
सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर के अलग-अलग हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य चल रहे हैं। मॉडल टाउन, डीडीपुरम और कोहाड़ापीर से धर्मकांटा तक पहले और दूसरे चरण के अंतर्गत निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। बारिश के कारण इन स्थानों पर काम की रफ्तार प्रभावित हुई है।
बारिश से निर्माण स्थलों पर बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश के कारण निर्माण स्थलों पर मिट्टी और कीचड़ फैल गया है। कई जगह पानी जमा होने से मशीनों और निर्माण सामग्री को इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा निर्माणाधीन सड़कों से गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान सड़क पर फैली मिट्टी और कीचड़ से आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।
निर्माण एजेंसियों ने फिलहाल काम रोककर मौसम सामान्य होने का इंतजार करना उचित समझा है। इससे पहले बारिश थमने के बाद सीएम ग्रिड के दूसरे चरण में सड़क चौड़ीकरण का काम दोबारा शुरू किया गया था। नगर निगम की ओर से निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों को काम में तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए गए थे।
मौसम साफ होने के बाद बढ़ेगी काम की रफ्तार
लगातार बारिश के चलते फिलहाल निर्माण कार्यों पर अस्थायी ब्रेक लगा है। मौसम में सुधार होने के बाद निर्माण एजेंसियों के दोबारा काम शुरू करने की संभावना है। अधिकारियों की प्राथमिकता निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करना है। गौरतलब है कि बरेली में हाल के दिनों में हुई भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। 26 सितंबर को 24 घंटे में 126 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई थी।
ऐसे मौसम में सीएम ग्रिड जैसे सड़क निर्माण कार्यों की गति प्रभावित होना स्वाभाविक है। अब लोगों की नजर मौसम साफ होने और निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने पर है। काम शुरू होने के बाद निर्माण एजेंसियों के सामने चुनौती यह होगी कि बारिश से हुए विलंब की भरपाई करते हुए परियोजना के कार्यों को तय समय में आगे बढ़ाया जाए।

