बरेली। नैनीताल मार्ग स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में स्वर्णप्राशन संस्कार एवं अभिभावक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कार और पारिवारिक वातावरण को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा की गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता रामकिशोर श्रीवास्तव, विद्यालय प्रबंधक दिनेश मलिक, जिला समन्वयक सुनील कुमार सिंह पुंडीर और प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाण्डेय मौजूद रहे। प्रधानाचार्य ने अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।
बच्चों में अनुशासन, संस्कार लाने का है उद्देश्य
मुख्य वक्ता एवं प्रदेश प्रभारी शिशु वाटिका रामकिशोर श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास में परिवार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों में अनुशासन, संस्कार, सेवा भावना, राष्ट्रप्रेम और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान जैसे गुण विकसित करना भी है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के सामने अपने व्यवहार को सकारात्मक रखने की अपील की, क्योंकि परिवार का वातावरण बच्चों के व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव डालता है।
स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधि पर जोर
स्वर्णप्राशन संस्कार के अवसर पर बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी दिनचर्या से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। अभिभावकों को बच्चों के खान-पान, स्वच्छता, पर्याप्त नींद और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय और परिवार के बीच बेहतर संवाद को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी बताया गया। विद्यालय प्रबंधक दिनेश मलिक ने पुष्य नक्षत्र में स्वर्णप्राशन संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में इसे बच्चों के विकास और मेधा शक्ति से जोड़कर देखा जाता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
जिला समन्वयक सुनील कुमार सिंह पुंडीर ने कहा कि बच्चे के विकास पर घर के माहौल का सीधा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने परिवार में धार्मिक, आध्यात्मिक और संस्कारयुक्त वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता बताई। अभिभावक सम्मेलन के दौरान प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाण्डेय ने विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों, विद्यार्थियों के अनुशासन, परीक्षा परिणाम और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।
अभिभावकों ने विद्यालय की गतिविधियों को लेकर अपने सुझाव भी साझा किए। इसके बाद उन्होंने अर्धवार्षिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आचार्य रामकिशोर श्रीवास्तव ने किया। आयोजन में विद्यालय के आचार्य-आचार्याओं, विद्यार्थियों और अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता रही।
अंत में बच्चों के स्वस्थ, संस्कारवान और उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया। विद्यालय परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी अतिथियों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

