बरेली। शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ने की दिशा में बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने एक नई पहल की है। डोहरा चौराहे को अब ‘नाथ ज्ञान ज्योति चौक’ के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। प्रस्तावित चौक का स्वरूप बरेली की धार्मिक विरासत, नाथ परंपरा और आधुनिक विकास के मेल को दर्शाएगा।
इस परियोजना का उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्ग पर स्थित डोहरा चौराहे को एक आकर्षक और पहचान देने वाले स्थल के रूप में विकसित करना है। प्रस्तावित डिजाइन में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के साथ हरित क्षेत्र, जल तत्व और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था को भी शामिल किया गया है।
सात नाथ मंदिरों की ऊर्जा को दर्शाएंगे सात स्तंभ
बीडीए की ओर से तैयार प्रस्ताव के मुताबिक चौक की केंद्रीय संरचना में सात ऊर्ध्वमुखी ऊर्जा स्तंभ बनाए जाने की परिकल्पना है। इन स्तंभों को नाथ परंपरा से जुड़े सात नाथ मंदिरों के प्रतीक के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा। इन सातों ऊर्जा धाराओं को ऊपर की ओर ले जाकर शीर्ष पर एक ‘ज्ञान ज्योति’ के रूप में एकीकृत किया जाएगा। इस तरह चौक की पूरी संरचना ज्ञान, साधना, शक्ति और विकास की अवधारणा को एक साथ प्रदर्शित करेगी।
प्रस्तावित डिजाइन में कमल को भी आधार बनाया गया है। कमल से ऊपर उठती ऊर्जा धाराओं के साथ चौक के आसपास हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इसके अलावा जल तत्व और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से रात के समय भी चौक को विशेष रूप देने की योजना है।
धार्मिक विरासत और आधुनिक विकास का बनेगा प्रतीक
बीडीए की उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय के मुताबिक प्रस्तावित चौक को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप शहर की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से जोड़ने की योजना है। डोहरा चौराहे का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे बरेली की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने वाले प्रमुख स्थल के तौर पर तैयार करने की परिकल्पना है।
चौक की अवधारणा में ‘ज्ञान से साधना, साधना से शक्ति और शक्ति से विकास’ की विचारधारा को केंद्र में रखा गया है। विश्वविद्यालय के नजदीक होने के कारण यहां ‘ज्ञान’ की अवधारणा को विशेष महत्व दिया गया है। प्रस्तावित मॉडल में शीर्ष पर ज्ञान ज्योति, आसपास हरित क्षेत्र, जल संरचना और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था को शामिल किया गया है।
इससे चौक को दिन के साथ-साथ रात में भी अलग पहचान मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद डोहरा चौराहा बरेली के प्रमुख प्रवेश और आवागमन मार्गों में एक महत्वपूर्ण पहचान वाला स्थल बन सकता है।
धार्मिक प्रतीकों और आधुनिक शहरी डिजाइन के संयोजन के जरिए यह चौक शहर की विरासत और बदलते शहरी स्वरूप के बीच एक कड़ी के रूप में सामने आएगा।

