बरेली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर इंकलाबी मजदूर केंद्र ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
संगठन के शहर सचिव ध्यान चंद्र मौर्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचकर एसडीएम कुमारी पूनम भास्कर को ज्ञापन दिया।इस दौरान संगठन ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और कथित दमनात्मक कार्रवाई पर भी विरोध जताया।
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर जताई चिंता
ध्यान चंद्र मौर्य ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, यदि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से बाहर होते हैं, तो इससे उनके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर मतदाताओं को स्थानांतरित या अनुपस्थित बताकर सूची से बाहर किए जाने की बात सामने आई है, जबकि संबंधित मतदाता वहीं मौजूद हैं।
उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र स्थित बेला एस्टेट का उदाहरण देते हुए दावा किया कि SIR से पहले वहां मतदाता सूची में 729 नाम दर्ज थे, जबकि 31 अगस्त को जारी मसौदा सूची में केवल एक नाम रह गया। संगठन ने इस मामले को मतदाता सूची की पारदर्शिता और पात्र नागरिकों के मताधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
गरीब और वंचित वर्गों की परेशानी का मुद्दा उठाया
ज्ञापन में कहा गया कि आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में गरीबों, भूमिहीनों, प्रवासी मजदूरों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। संगठन ने मांग की कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पात्र नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी योग्य मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से सूची से न हटे।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का विरोध
इंकलाबी मजदूर केंद्र ने दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। संगठन का आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध को रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए और लोगों को हिरासत में लिया गया। कार्यकर्ताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार से जुड़ा मामला बताया।
ज्ञापन में रखीं ये प्रमुख मांगें
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित दमनात्मक कार्रवाई रोकने, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, SIR प्रक्रिया रद्द करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की।
संगठन ने कहा कि मताधिकार और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान ध्यान चंद्र मौर्य, कृष्णपाल, कैलाश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

