बरेली। धार्मिक पर्यटन और पर्यटन स्थलों के विकास के मामले में बरेली ने प्रदेश स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की है। मुख्यमंत्री (सीएम) डैशबोर्ड की सितंबर 2026 की रिपोर्ट में जिले को पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में बरेली पर्यटन रैंकिंग 2026 को 13वां स्थान मिला है। इसके साथ ही बरेली को ए ग्रेड देते हुए 10 में से 10 अंक प्राप्त हुए हैं।
जिले में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने और धार्मिक स्थलों को विकसित करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें नाथ कॉरिडोर योजना प्रमुख है, जिसके माध्यम से शहर के प्रमुख शिव मंदिरों और आसपास की सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारी है।
38 परियोजनाओं में से 17 पूरी परियोजनाएं पूरी
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बरेली जिले में पर्यटन से जुड़ी कुल 38 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें से 17 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 21 परियोजनाओं पर अभी काम चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
नाथ कॉरिडोर के मंदिरों में तेजी से हो रहा काम
नाथ कॉरिडोर से जुड़ी कई परियोजनाओं में निर्माण कार्य अलग-अलग चरणों में पहुंच गया है। धोपेश्वर नाथ मंदिर में यात्री विश्राम गृह, शौचालय ब्लॉक, इंटरलॉकिंग, बैठने के लिए बेंच और बागवानी से जुड़े कार्य करीब 90 प्रतिशत पूरे हो चुके हैं। तपेश्वर नाथ मंदिर में मुख्य द्वार, मंच, भंडार हॉल, फूलों की दुकान और शौचालय ब्लॉक का निर्माण लगभग 65 प्रतिशत पूरा बताया गया है।
तुलसी मठ में मुख्य द्वार, वैदिक लाइब्रेरी, मंच और धर्मशाला से जुड़े कार्य करीब 80 प्रतिशत पूरे हो चुके हैं। वहीं, फोकस वॉल का निर्माण लगभग 90 प्रतिशत पूरा होने की जानकारी है। पशुपति नाथ मंदिर में मुख्य द्वार, नंदी स्थल और इंटरलॉकिंग से जुड़े कार्य भी करीब 90 प्रतिशत पूरे हो चुके हैं।
अलखनाथ और त्रिवटीनाथ मंदिरों में भी काम जारी
नाथ कॉरिडोर के तहत अलखनाथ मंदिर में निर्माण कार्य लगभग 65 प्रतिशत और त्रिवटीनाथ मंदिर में करीब 60 प्रतिशत पूरा हुआ है। इन मंदिरों में भी विकास कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं। संबंधित परियोजनाओं को फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दूसरे पर्यटन स्थलों का भी होगा विकास
बरेली में केवल नाथ कॉरिडोर ही नहीं, बल्कि अन्य धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है। खितौसा के शिव मंदिर, बिथरी स्थित सिरोही मंदिर, बड़ा बाग हनुमान मंदिर, आंवला की लिलौर झील, अहिच्छत्र, सिसैया के शिव मंदिर और पहलऊनाथ शिव मंदिर समेत कई स्थानों पर पर्यटन सुविधाओं से जुड़े कार्य चल रहे हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और जिले के धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन के लिहाज से अधिक आकर्षक बनाना है।
बरेली पर्यटन विकास से बढ़ेंगी संभावनाएं
नाथ कॉरिडोर और अन्य पर्यटन परियोजनाओं के पूरा होने से बरेली में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय कारोबार, परिवहन, होटल और अन्य पर्यटन संबंधी सेवाओं के लिए भी अवसर बढ़ सकते हैं।
फिलहाल, सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट में बरेली पर्यटन रैंकिंग 2026 13वीं रैंक और सभी अंक हासिल करना जिले के पर्यटन विभाग के लिए एक उपलब्धि है। अब इन परियोजनाओं को तय समय पर पूरा करना और विकसित स्थलों पर पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देना महत्वपूर्ण होगा।

