बरेली। नगर निगम की एकमुश्त समाधान योजना (OTS) को लेकर बरेली में करदाताओं को राहत देने की मांग उठने लगी है। पार्षद एवं पूर्व बरेली विधानसभा प्रत्याशी राजेश अग्रवाल ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है।
जिसमें उन्होंने लखनऊ नगर निगम की तर्ज पर बरेली में भी गृहकर पर ब्याज माफी का लाभ ब्याज लगने की मूल तारीख से दिया जाए, यह मांग की है। उनका आरोप भी है कि व्यवस्था में कई करदाताओं को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
OTS योजना की अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग
राजेश अग्रवाल द्वारा एकमुश्त समाधान योजना की अंतिम तिथि 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि विभागीय प्रक्रियाओं में देरी और तकनीकी समस्याओं के कारण कई करदाता समय रहते योजना का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
OTS का उद्देश्य बकाया गृहकर जमा करने वाले लोगों को राहत देना है, लेकिन यदि प्रक्रिया जटिल रहेगी तो पात्र लोगों को इसका उपेक्षित फायदा नहीं मिल सकेगा।
उनके अनुसार, नगर निगम को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे प्रत्येक पात्र करदाता को नियमानुसार ब्याज माफी का लाभ मिल सके। जिन लोगों को कथित तौर पर गलत जानकारी देकर केवल तीन वर्ष की ब्याज माफी के आधार पर OTS कराई है, उसकी दुबारा
जांच होनी चाहिए।
आउटसोर्सिंग टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल
राजेश अग्रवाल ने नगर निगम गृहकर विभाग में काम कर रही आउटसोर्सिंग टीम की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि शिकायत लेकर पहुंचने वाले करदाताओं को समाधान देने के बजाय अलग अलग कार्यालयों व कर्मचैरुओनिके पास भेज दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि उनके विरोध के बाद बरेली में पूर्व में 1 अप्रैल 2014 से ब्याज माफी का लाभ देने की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद कुछ मामलों में करदाताओं को केवल तीन साल की ब्याज माफी देकर प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।

