एशियन गेम्स 2026 में भारत को पांचवां स्वर्ण पदक मिल चुका है। भारतीय निशानेबाज नीरू धांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला व्यक्तिगत ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीत लिया। नीरू की इस उपलब्धि के साथ भारत को खेलों में पांचवां स्वर्ण पदक मिला। उनकी जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि वह एशियन गेम्स के महिला व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बन गई हैं।
नीरू ने फाइनल में 28 अंक हासिल किए और इस प्रदर्शन के साथ नया एशियन रिकॉर्ड भी कायम किया। उन्होंने चीन की सुन युनोंग को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि कुवैत की हजर अब्दुलमलिक ने कांस्य पदक हासिल किया।
क्वालीफिकेशन में भी शानदार प्रदर्शन
नीरू धांडा ने व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने से पहले क्वालीफिकेशन में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था। उन्होंने 118 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान पर जगह बनाई और कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहीं। उनका यह स्कोर एशियन गेम्स का क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड भी रहा। फाइनल में नीरू ने शुरुआत से ही अपनी लय बनाए रखी। शुरुआती दौर में उन्होंने लगातार सटीक निशाने लगाए। बीच में कुछ निशाने चूकने के बावजूद उन्होंने दबाव में अपना प्रदर्शन संभाला और मुकाबले के निर्णायक चरण में बढ़त बनाए रखी। अंत में 28 के स्कोर के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया।
एक ही दिन में भारत के लिए दो मेडल
नीरू धांडा के लिए 29 सितंबर का दिन खास तौर पर यादगार रहा। व्यक्तिगत ट्रैप में गोल्ड जीतने से पहले उन्होंने महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भी भारत को सिल्वर मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। नीरू, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर की भारतीय टीम ने महिला ट्रैप टीम इवेंट में कुल 328 अंक हासिल किए। चीन ने 346 अंकों के साथ गोल्ड और कुवैत ने 325 अंकों के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस तरह नीरू ने एक ही दिन में एशियन गेम्स में भारत के लिए सिल्वर और गोल्ड, दोनों पदक अपने नाम किए।
भारतीय महिला शूटिंग के लिए बड़ी उपलब्धि
नीरू धांडा का यह गोल्ड भारतीय महिला शूटिंग के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। एशियन गेम्स के इतिहास में इससे पहले किसी भारतीय महिला ने ट्रैप या स्कीट की व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं जीता था। नीरू ने इस सिलसिले को तोड़ते हुए सीधे गोल्ड मेडल अपने नाम किया। पुरुषों की बात करें तो रंधीर सिंह ने 1978 एशियन गेम्स में पुरुष व्यक्तिगत ट्रैप में भारत के लिए गोल्ड जीता था। नीरू की जीत ने अब महिला वर्ग में भी भारत का नाम इतिहास में दर्ज करा दिया है।
2026 में पहले भी रच चुकी हैं इतिहास
नीरू धांडा के लिए 2026 का साल पहले से ही शानदार रहा है। जुलाई में उन्होंने इटली के लोनाटो में आयोजित ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप में महिला ट्रैप स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीता था। वह इस स्पर्धा में ISSF वर्ल्ड कप का व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। अब एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड जीतकर नीरू ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है। उनकी इस जीत से भारत के शूटिंग अभियान को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है।

