बरेली: त्योहारों से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में चीनी के दाम ₹60 प्रति किलो के पार पहुंचने से चाय से लेकर मिठाई तक का खर्च बढ़ने लगा है।
बढ़ती कीमतों और घरेलू बाजार में सप्लाई का दबाव कम करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात को मंजूरी दी है। यह आयात 31 अक्टूबर 2026 तक किया जा सकेगा। क्या सस्ती होगी चीनी? सरकार के इस फैसले से बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। इससे कीमतों पर दबाव कम हो सकता है, लेकिन आम लोगों को तुरंत राहत मिलेगी या नहीं, यह आयात की रफ्तार और त्योहारों के दौरान मांग पर निर्भर करेगा।
चीनी महंगी होने का सीधा असर मिठाई, बेकरी और दूसरे खाद्य उत्पादों पर पड़ सकता है। त्योहारों में मांग बढ़ने पर मिठाइयों की कीमतों में और इजाफा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यानी इस बार त्योहारों की मिठास पर महंगाई की चाशनी चढ़ सकती है। सरकार का चीनी आयात वाला फैसला कीमतों को कितना नीचे लाता है, अब इस पर सबकी नजर है।

