संसद से पारित हुआ सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026

Thebareilly
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Rajya Sabha

संसद ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के लिए है।

इस विधेयक को पहले ही लोकसभा में पारित किया जा चुका था, और अब राज्यसभा ने भी इसे मंजूरी दे दी है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह विधेयक न्यायिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे सुप्रीम कोर्ट की कार्यक्षमता और न्यायिक दक्षता में सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए सरकार कई स्तरों पर प्रयास कर रही है। न्यायपालिका पर बढ़ते कार्यभार, मामलों की बदलती प्रकृति और संवैधानिक एवं कानूनी मुद्दों की जटिलता को देखते हुए न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना समय की मांग है।

राज्यसभा में विभिन्न दलों के सदस्यों ने इस विधेयक पर अपने विचार व्यक्त किए। कुछ सदस्यों ने इस विधेयक का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसकी आवश्यकता पर सवाल उठाए।

कांग्रेस के विवेक तन्खा ने कहा कि वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में करीब 95 हजार मामले लंबित हैं, और इस विधेयक की आवश्यकता पर सवाल उठाया। भाजपा की संगीता यादव ने विधेयक को ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया और कहा कि इसका उद्देश्य आम नागरिकों को सुलभ और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है।

तृणमूल कांग्रेस की डॉ. मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि देश के उच्च न्यायालयों में लगभग 30 प्रतिशत पद रिक्त हैं। डीएमके के आर. गिरिराजन ने उम्मीद जताई कि न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से लंबित मामलों में कमी आएगी। बीजद के डॉ. सस्मित पात्रा ने भी विधेयक का समर्थन किया और सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया।

वाईएसआरसीपी के एस. निरंजन रेड्डी ने प्रति न्यायाधीश बढ़ते मामलों की संख्या का उल्लेख किया। एआईएडीएमके के आई. एस. इनबादुराई ने भी विधेयक का समर्थन किया और कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित सुप्रीम कोर्ट में कुल स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या 38 होना एक आवश्यक और समयानुकूल सुधार है।

शिवसेना की डॉ. ज्योति एन. वाघमारे ने कहा कि यह कानून न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास और मजबूत करेगा तथा त्वरित न्याय सुनिश्चित करने में सहायक होगा। एनसीपी के राजेंद्र जैन, आप के संजय सिंह, शिवसेना के मिलिंद देवरा, टीडीपी के विजय चिंताकयाला, जेएमएम की महुआ माजी सहित कई अन्य सदस्यों ने भी चर्चा में भाग लिया।

इसके बाद राज्यसभा ने विधेयक को लोकसभा को वापस भेज दिया। सदन में विशेष उल्लेख के दौरान विभिन्न सदस्यों ने जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए। कार्यवाही समाप्त होने पर उपसभापति ने सदन की बैठक स्थगित करते हुए अगली बैठक कल सुबह 11 बजे बुलाने की घोषणा की।

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