जनगणना 2027: जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं और दूसरे चरण की शुरुआत 17 अगस्त से होने जा रही है। इस चरण में, नागरिकों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जाएंगी। यह जनगणना विशेष होगी क्योंकि 1931 के बाद पहली बार लोगों की जाति का विवरण भी लिया जाएगा। इसके अलावा, माता-पिता के जन्म स्थान और जन्म तिथि जैसी जानकारियां भी एकत्र की जा सकती हैं।
17 अगस्त से शुरू होगी ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रक्रिया, जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद, जनगणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, और उत्तराखंड के बर्फीले क्षेत्रों में यह चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर तक संचालित किया जाएगा।
इस बार की जनगणना में माता-पिता से जुड़ी अतिरिक्त जानकारियां भी दर्ज की जा सकती हैं, जो जनसंख्या संबंधी अध्ययन और प्रवास के आंकड़ों को अधिक सटीक बनाने में मदद करेंगी। सरकार डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से जातियों के डाटा को व्यवस्थित करेगी, जिससे समान नामों का वर्गीकरण, डाटा की सफाई, और विश्लेषण पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज होगा।
जनगणना के दूसरे चरण में नागरिकों से निम्नलिखित जानकारी ली जा सकती है:
- परिवार के सदस्यों का विवरण
- आयु और जन्म तिथि
- शिक्षा और व्यवसाय
- वैवाहिक स्थिति
- जाति
- माता-पिता का जन्म स्थान और जन्म तिथि
- पासपोर्ट नंबर (यदि उपलब्ध हो)
- आधार नंबर (स्वैच्छिक)
- आवास और परिवार से जुड़ी अन्य सामान्य जानकारी
जाति आधारित डाटा शामिल होने से सरकार को विभिन्न सामाजिक वर्गों की वास्तविक स्थिति का बेहतर आकलन करने में सहायता मिलेगी, जिससे भविष्य में योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

