बरेली। इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) में बीवीएससी एवं एएच के छात्र-छात्राओं ने अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड को बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि उनकी इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाली मौजूदा राशि उनकी जिम्मेदारियों के मुकाबले काफी कम है।
उन्होंने पूरी इंटर्नशिप अवधि के लिए 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिए जाने की मांग उठाई है। 12 महीने की इंटर्नशिप, लेकिन छह महीने का स्टाइपेंड प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुताबिक बीवीएससी एवं एएच पाठ्यक्रम में अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप की अवधि 12 महीने है। वर्तमान व्यवस्था के तहत उन्हें करीब 3,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड केवल छह महीने के लिए दिया जा रहा है।
छात्रों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें पशु चिकित्सा सेवाओं, क्लीनिकल ट्रेनिंग, आपातकालीन देखभाल और मरीजों के उपचार जैसी जिम्मेदारियों से जुड़ना होता है। ऐसे में स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाना चाहिए।
सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र संस्थान के मुख्य परिसर के माइलस्टोन क्षेत्र के पास एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देकर अपनी मांगों पर लिखित और समयबद्ध समाधान की मांग की।
दूसरे संस्थानों का हवाला देकर उठाई स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
छात्रों ने दावा किया कि देश के कुछ अन्य पशु चिकित्सा संस्थानों में इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाला स्टाइपेंड IVRI की मौजूदा राशि से अधिक है। इसी अंतर को देखते हुए उन्होंने स्टाइपेंड की समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही छात्रों ने स्टाइपेंड के लिए मिलने वाले बजट, फंडिंग और भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही है।
छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार, इस मुद्दे को पहले भी संस्थान और संबंधित अधिकारियों के सामने उठाया जा चुका है, लेकिन उन्हें अभी तक संतोषजनक समाधान नहीं मिला। अब छात्रों ने इंटर्नशिप शुरू होने से पहले इस मामले में स्पष्ट निर्णय की मांग की है।
परीक्षाओं के बाद शुरू होगी अनिवार्य इंटर्नशिप
छात्रों ने बताया कि उनकी व्यावसायिक परीक्षाएं अक्टूबर के अंत में प्रस्तावित हैं। इसके बाद अनिवार्य इंटर्नशिप शुरू होगी। इसलिए उनका कहना है कि इंटर्नशिप शुरू होने से पहले स्टाइपेंड को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन IVRI या पशु चिकित्सा शिक्षा के खिलाफ नहीं है। वे प्रशिक्षण और संस्थान की ओर से मिलने वाले व्यावसायिक अनुभव को महत्वपूर्ण मानते हैं। उनका कहना है कि वे इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाली जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मानजनक स्टाइपेंड चाहते हैं।
छात्रों ने आश्वासन दिया कि प्रदर्शन के दौरान आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाएं, आपातकालीन उपचार और मरीजों की देखभाल प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। अब छात्रों की नजर संस्थान और संबंधित अधिकारियों की ओर से मिलने वाले जवाब पर है।

