बरेली। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, बरेली ने पेंशनरों से जुड़ी कई मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन की ओर से केंद्र सरकार के समक्ष कुल 12 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं। इनमें केंद्रीय आठवें वेतन आयोग के दायरे में 1 जनवरी 2026 से पहले से पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशनरों को भी लाभ देने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
एसोसिएशन का कहना है कि पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा प्रावधानों में आवश्यक बदलाव किए जाने चाहिए। ज्ञापन में वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों के बीच तारीख के आधार पर किए गए कथित अंतर को समाप्त करने की मांग उठाई गई है। संगठन ने कहा कि पेंशनरों को भी कर्मचारियों और शिक्षकों के समान लाभ मिलना चाहिए।
आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों को शामिल करने की मांग
पेंशनर्स एसोसिएशन ने आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया में हो रहे विलंब को देखते हुए अंतरिम राहत या सहायता देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जब तक आयोग की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक पेंशनरों को राहत देने के लिए अंतरिम व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही एसोसिएशन ने कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों के लिए समान आधार पर लाभ दिए जाने की मांग भी रखी है। संगठन के मुताबिक पेंशनरों के हितों से जुड़े मामलों में आयु और सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
पेंशन और आयकर से जुड़ी मांगें भी शामिल
ज्ञापन में पेंशनरों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था से जुड़े लाभों की मांग के साथ पेंशन को आयकर से छूट देने का मुद्दा भी उठाया गया है। एसोसिएशन ने वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे किराये में रियायत बहाल करने और स्वास्थ्य सुविधाओं में राहत देने की मांग की है। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस उपचार की सीमा बढ़ाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। संगठन ने महंगाई भत्ते और महंगाई राहत से जुड़े लंबित मामलों पर भी आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
हर पांच साल में पेंशन बढ़ाने की मांग
पेंशनर्स एसोसिएशन ने 65 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पेंशनरों की पेंशन में प्रत्येक पांच वर्ष के बाद 5 प्रतिशत वृद्धि किए जाने की मांग रखी है। संगठन का तर्क है कि बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों पर खर्च बढ़ता है, इसलिए उम्र के साथ पेंशन में अतिरिक्त वृद्धि का प्रावधान होना चाहिए। इसके अलावा कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत यानी डीए/डीआर के भुगतान की मांग भी दोहराई गई है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग आयोग की मांग
ज्ञापन में वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं और अधिकारों के लिए अलग आयोग के गठन की मांग भी की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनरों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए एक प्रभावी व्यवस्था जरूरी है, ताकि उनकी समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान हो सके।
एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से सभी 12 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करने और पेंशनरों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से पेंशनरों से जुड़े विभिन्न मुद्दे लंबित हैं, जिन पर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

