बरेली। त्योहारों का मौसम नजदीक आते ही चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बरेली के थोक बाजार में महज चार दिनों के भीतर चीनी के दाम 50 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। कीमतों में अचानक आए इस उछाल का असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ने लगा है।
चार दिन में 10 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी
बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को बरेली में चीनी का थोक भाव करीब 60 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया, जबकि चार दिन पहले यही कीमत 50 रुपये प्रति किलो थी। लगातार बढ़ते दामों से ग्राहकों के साथ-साथ कारोबारियों की चिंता भी बढ़ रही है।
आपूर्ति में कमी से बढ़ी परेशानी
व्यापारियों के मुताबिक, बाजार में चीनी की उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ रहा है। जिले की पांच चीनी मिलों में से फिलहाल सेमीखेड़ा और फरीदपुर स्थित द्वारिकेश शुगर मिल में लगभग 85 हजार क्विंटल चीनी का स्टॉक बताया गया है।
वहीं, बरेली में रोजाना करीब पांच हजार क्विंटल चीनी की खपत होती है। मांग पूरी करने के लिए दूसरे क्षेत्रों से भी चीनी मंगानी पड़ रही है। परिवहन खर्च जुड़ने के कारण इसकी कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
श्यामगंज मंडी से कई जिलों तक होती है आपूर्ति
बरेली की श्यामगंज मंडी चीनी के थोक कारोबार का प्रमुख केंद्र है। यहां से शाहजहांपुर, बदायूं, पीलीभीत और उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में भी चीनी भेजी जाती है। ऐसे में आपूर्ति प्रभावित होने और कीमतें बढ़ने से थोक व खुदरा कारोबारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
आम परिवारों की जेब पर असर
खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के बीच चीनी महंगी होने से घरेलू खर्च और बढ़ने की आशंका है। त्योहारों पर मिठाइयां और पकवान बनाने के लिए चीनी की मांग भी बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में तेजी आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
बरेली में चीनी की बढ़ती कीमतों ने त्योहारों की मिठास पर असर डालना शुरू कर दिया है। अब लोगों की नजर बाजार में आपूर्ति और आने वाले दिनों में कीमतों के रुख पर टिकी है।

