UP: लखनऊ में उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की सख्ती के बाद उच्च शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ नए नियम लागू किए जा रहे हैं।
कॉलेज के मुख्य गेट पर होगी सामान की जांच
Up के विश्वविद्यालय और कॉलेज के मुख्य गेट पर छात्र व छात्राओं द्वारा मंगाए जाने वाले ऑनलाइन सामान और कूरियर की जांच गेट पर की जाएगी। इतना ही नहीं, संस्थानों के हॉस्टल और कैंटीन का भी अचानक निरीक्षण किया जा सकता है। शिक्षण संस्थानों के आसपास 500 मीटर के दायरे में निगरानी बढ़ाई जाएगी। आसपास के क्षेत्र में नशीली सामग्री की बिक्री पर प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए गए हैं। नशीली वस्तुओं की उपलब्धता और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए हॉस्टल और कैंटीन में नियमित जांच के साथ-साथ अचानक निरीक्षण भी किया जाएगा।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विश्वविद्यालयों के साथ बैठक कर नशे के खिलाफ इस अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रों को सकारात्मक सोच और जीवन मूल्यों के विकास के लिए सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के शैक्षिक भ्रमण पर भी ले जाने की योजना है।
उत्तर प्रदेश को पांच जोन में बांटा
अभियान की निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश को पांच जोन में बांटा जाएगा। प्रत्येक जोन के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय स्तर पर अलग नोडल अधिकारी और महाविद्यालय स्तर पर प्राचार्य के साथ प्रत्येक संकाय में भी नोडल अधिकारी अभियान की निगरानी करेंगे। इस व्यवस्था के जरिए शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
सरकार की योजना सरकार द्वारा विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा। विशेषज्ञों और संबंधित अधिकारियों की मदद से छात्रों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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