बरेली के थाना भुता क्षेत्र के लोगों के बीच एक समस्या कई समय से बनी हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए आज सैंकड़ों ग्रामीण सुबह से धरने में बैठ गए हैं। यह धरना सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुआ है और शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।
दरअसल, गांव सिंघाई मुरावान और गुलड़िया के बीच एक पुल के पास धरना प्रदर्शन जारी है। बताया जा रहा हुआ कि गांव में बहगुल नदी का जलस्तर जब बढ़ता है तो हजारों लोगों को मुसीबत में डाल देता है। यह परेशानी लगभग कई दशकों से चली आ रही है जिसकी कोई जवाबदेही नहीं दी गई है।
70 गाँव के हजारों लोगों को है दिक्कत
थाना भुता क्षेत्र में बच्चों को स्कूल जाने , लोगों को दफ्तर जाने और लौटते वक्त कई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, हर साल नदी का पानी चढ़ता है फिर पुल डूब जाता है जिसके बाद प्रशासन द्वारा रास्ता बंद कर दिया जाता है। इससे लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। स्थानीय आवागमन के लिए 20-30 किलोमीटर अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती है।
मरीजों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक, रास्ता बंद होने से सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों को झेलनी पड़ती है। छात्र छात्राओं की पढ़ाई पर इसका असर पड़ता है। इसके अलावा मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सकता है। गर्भवती महिला, बुर्जुग या आपातकालीन स्थिति में मरीज को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की सुरक्षित पुल की मांग
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षित पुल की मांग की है। साथ ही सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही उनका कहना है कि अब समस्या का हल बेरीकेडिंग लगाकर नहीं होगा इसका एक स्थायी समाधान चाहिए।

