बरेली। जिले के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। नवाबगंज क्षेत्र में 112 एकड़ भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना को प्रदेश सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित करने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की तैयारी है।
यह पहल सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत की जा रही है। इसका उद्देश्य औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल प्रदान करना है।
नए उद्योगों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
नवाबगंज में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से बरेली और आसपास के इलाकों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। यहां नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे युवाओं को नौकरी की तलाश में दूसरे शहरों की ओर जाने की मजबूरी कम करने में मदद मिल सकती है।
उपायुक्त उद्योग विकास यादव के अनुसार, परियोजना के पूरा होने पर हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के इच्छुक युवाओं को भी प्रशिक्षण के माध्यम से सहायता देने की योजना है।
उद्योगों की जरूरत के अनुसार मिलेगा प्रशिक्षण
इस परियोजना में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के साथ कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। युवाओं को तकनीकी और गैर-तकनीकी विषयों का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। मानविकी और वाणिज्य से जुड़े विषयों के साथ देशी एवं विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार करना है, ताकि उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिल सकें।
एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी से उद्योगों को मिलेगी मदद
प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए बेहतर सड़क संपर्क भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नवाबगंज के आसपास गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी से माल की ढुलाई आसान होने की उम्मीद है। इससे उद्योगों को कच्चा माल पहुंचाने और तैयार उत्पादों को बाजार तक ले जाने में सुविधा मिल सकती है। बेहतर परिवहन व्यवस्था से निवेश को प्रोत्साहन मिलने और क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
प्रदेश के 75 जिलों को जोड़ने की योजना
सरकार की योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों को शामिल करते हुए कौशल प्रशिक्षण और रोजगार का एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाना है। इसके लिए उत्तर प्रदेश को नौ जोन में बांटने की योजना है। इसी योजना के तीसरे चरण में बरेली को शामिल किया गया है। प्रस्तावित परिसर में छात्रावास, सेवायोजन कार्यालय और प्लेसमेंट सेल जैसी सुविधाएं भी विकसित करने की योजना है। इससे प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को नौकरी तलाशने और रोजगार संबंधी जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
बरेली के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई दिशा
नवाबगंज में प्रस्तावित 112 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र बरेली की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। परियोजना के धरातल पर उतरने से उद्योगों के विस्तार, कौशल विकास और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अब इस योजना के क्रियान्वयन और आगे की तैयारियों पर नजर रहेगी।
नोट: रोजगार के अवसरों की वास्तविक संख्या और परियोजना के शुरू होने की तारीख की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

